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Thursday, 30 January 2020

सूरज बड़जात्या की अगली मूवी में भी होंगे सलमान

सुपरस्टार के साथ 'मैंने प्यार किया', 'हम आपके हैं कौन', 'हम साथ-साथ हैं' और 'प्रेम रतन धन पायो' जैसी फिल्में कर चुके निर्देशक अपनी अगली फिल्म भी सलमान के साथ ही करने वाले हैं। यह खुलासा खुद सूरज बड़जात्या ने हमसे हाल ही में हुई एक खास बातचीत में किया। उन्होंने यह भी बताया कि फिल्म की कहानी लॉक हो चुकी है और सलमान उसमें काम करने के लिए रजामंदी भी दे चुके हैं। बेटे अवनीश भी रखेंगे डायरेक्शन में कदमकुछ दिनों पहले ही स्टार प्लस पर अपना नया शो 'दादी अम्मा दादी अम्मा मान जाओ' लेकर आए सूरज बड़जात्या से जब हमने जानना चाहा कि इन दिनों उनके बैनर की फिल्में कम क्यों आ रही हैं? तो उन्होंने बताया, 'दरअसल, मेरा छोटा बेटा अवनीश भी डायरेक्शन में कदम रखने जा रहा है। हम लोग उसे इस साल राइटर-डायरेक्टर के तौर पर लॉन्च कर रहे हैं, जो कि बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि 30 साल बाद परिवार में से कोई डायरेक्टर बन रहा है, तो हम लोग उसमें बिजी थे। अभी उसकी पिक्चर आएगी। उसके बाद मैं अपनी फिल्म शुरू करूंगा।' क्या अवनीश की फिल्म में भी सलमान खान ही हीरो होंगे? यह पूछने पर सूरज बताते हैं, 'नहीं, उनकी फिल्म सलमान भाई के साथ नहीं है। सलमान भाई के साथ मैं फिल्म बना रहा हूं। फिल्म की कहानी मोटी-मोटी लॉक है और उनकी सहमति भी मिल चुकी है।' शो के जरिए पिता का सपना किया पूरासीरियल में दो पीढ़ियों का रिश्ता दिखा रहे सूरज बताते हैं कि इसका मूल आइडिया उनके पिता राजकुमार बड़जात्या ने दिया था। बकौल सूरज, 'मेरे फादर राजकुमार बड़जात्या, जो अभी तो रहे नहीं, हमेशा बोलते थे कि ये जो 75 साल के बच्चे (बुजुर्ग) हो जाते हैं, उनके लिए कुछ बनाना चाहिए। इसलिए, मैंने और मेरे बेटे देवांश ने सोचा कि बुजुर्गों के लिए कुछ बनाया जाए। एक ऐसा शो, जिसमें उन्हें पता चले कि वे अपने पोते-पोतियों से कैसे तालमेल बनाएं, वहीं नाती-पोतों को यह सीख मिले कि वे अपने दादा-दादी, नाना-नानी से कैसे रिश्ता बनाएं। आज देखिए, तो हर बच्चा यही कहता है कि अरे, दादा कितना बक-बक करते हैं, तो हम इन दो पीढ़ियों के बीच की खाई कम करने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, आज के यंगस्टर्स पर अपने फ्यूचर और फैमिली के बीच में चुनने की जद्दोजहद भी रहती है कि एक ही टाइम पर जरूरी मीटिंग है और दादा को ब्लड टेस्ट के लिए ले जाना है, तो क्या करें? हमारे जमाने में तो हम ये चॉइस रखते ही नहीं थे। हमारे लिए परिवार पहले होता था, लेकिन आज करियर भी बहुत अहम है, तो उस दुविधा को भी दिखा रहे हैं। इस शो में मैंने अपने पिता और बेटे देवांश के रिश्ते से भी काफी किस्से लिए हैं।' हमारी पारिवारिक फिल्में ही चलती हैंआज के दौर में जहां हर कोई मॉडर्न और समय से आगे की कहानी सुनाना चाहता है, वहीं सूरज अब भी फैमिली वैल्यूज को बढ़ावा देने वाली फिल्में और शोज ही बना रहे हैं। क्या उनका मन तड़क-भड़क और नए विषयों वाली फिल्में बनाने का नहीं करता? इस पर सूरज कहते हैं, 'करता है न, बहुत करता है और हमने मॉडर्न कहानियों वाली फिल्में बनाई भी हैं, लेकिन हमारी वे फिल्में चलती ही नहीं है। हमारी पारिवारिक मूल्यों वाली पारंपरिक कहानियां ही पसंद की जाती हैं। फिर, मेरा मानना है कि आप सब बनाएं, लेकिन यह फैमिली वाला रुख भी बहुत जरूरी है। मैं मानता हूं कि यह आज के समय में लहरों के खिलाफ चलने जैसा है, लेकिन हम लोग अड़े हुए हैं, क्योंकि ट्रडिशनल फैमिली वैल्यूज को बताना और बचाना भी बहुत जरूरी है।'


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